Wednesday, August 15, 2012

कहानी लेखन पुरस्कार आयोजन -36- कविता वर्मा की कहानी...

9 comments:

  1. स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ...

    ReplyDelete
  2. बहुत ही मर्मस्पर्शी...रचना...ये आस-पास हर जगह हो रहा है...उन्हें शब्दों में पिरोना कमाल है...

    ReplyDelete
  3. पैसे के लालच में रिश्तों में कडुवाहट आने का बहुत यथार्थपरक एवं सटीक चित्रण. कहानी में पात्रों का बहुत सजीव चित्रण. सुधीर का बहुत सशक्त चरित्र चित्रण और अपने से जुडा सा महसूस होता है. कहानी भावप्रवण होते हुए भी यथार्थ के धरातल पर अपने पद चिन्ह छोड़ जाती है. बहुत सुन्दर...बधाई

    ReplyDelete
  4. उत्तम ...शुभकामनाएँ.

    ReplyDelete
  5. सुन्दर प्रस्तुति। मरे पोस्ट पर आपका आमंत्रण है। धन्यवाद।

    ReplyDelete
  6. मेरे नवीनतम पोस्ट पर आपका हार्दिक अभिनंदन है।

    ReplyDelete

आपकी टिप्पणियाँ हमारा उत्साह बढाती है।
सार्थक टिप्पणियों का सदा स्वागत रहेगा॥

वह अनजान औरत

पार्क में सन्नाटा भरता जा रहा था मैं अब अपनी समस्त शक्ति को श्रवणेन्द्रियों की ओर मोड़ कर उनकी बातचीत सुनने का प्रयत्न करने लगा। पार्क...