Tuesday, April 29, 2014

'परछाइयों के उजाले' का विमोचन

मेरे कहानी संग्रह 'परछाइयों के उजाले' का विमोचन वरिष्ठ चर्चाकार श्रीं जीवन सिंह ठाकुर और रंगकर्मी श्री ओम द्विवेदी के हाथों सम्पन्न हुआ। 



1 comment:

आपकी टिप्पणियाँ हमारा उत्साह बढाती है।
सार्थक टिप्पणियों का सदा स्वागत रहेगा॥

दो लघुकथाएँ

जिम्मेदारी  "मम्मी जी यह लीजिये आपका दूध निधि ने अपने सास के कमरे में आते हुए कहा तो सुमित्रा का दिल जोर जोर से धकधक करने लगा। आज वे...