Tuesday, October 16, 2012

कहानी


कहानी 
चूल्हे पर चढ़ी खाली हांड़ी से 
कुछ दाने पके चावल के 
बच्चे को खिलाते  हुए 
माँ का मन कसमसाया होगा 
भूखे बच्चे को थपक सुलाते हुए 
भरे पेट का एहसास कराने 
कहानी में रोटी को 
चाँद से भरमाया होगा। 

दिला दो नए कपडे माँ 
बेटी की जिद पर 
माँ को गुस्सा आया होगा 
लगा दो चांटे उसे चुप कराया होगा 
फटे आँचल से पोंछते आँसू 
बिटिया को बहलाया होगा 
कात रही है सूत बूढी माँ 
तेरी फ्राक बनाने को 
बेटी को सुलाते हुए ये 
सपना उसके मन जगाया होगा। 

खिलौने,कपडे ,रोटी,मिठाई 
झूले,गुब्बारे,दूध की मलाई 
पूरे न हो सकें जो कभी 
लेकिन बनें रहें उनके ख्यालों में 
ताकि उन्हें पाने की आस में 
बच्चे करते रहें कोशिशें 
ऐसे ही किसी ख्याल ने 
माँ के मन में 
कहानी को उपजाया होगा। 

18 comments:

  1. बहुत सुंदर रचना
    क्या कहने

    चार लाइन याद आ रही है...

    भूख ने मजबूर कर दिया होगा,
    आचरण बेच कर पेट भर लिया होगा
    अंतिम सांसो पर आ गया होगा संयम
    बेबसी में कोई गुनाह कर लिया होगा

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  2. गहन भाव लिये सुंदर कविता.

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  3. बेहद मार्मिक रचना..
    हृदयस्पर्शी...

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  4. बच्चे को खिलाते हुए
    माँ का मन कसमसाया होगा
    भूखे बच्चे को थपक सुलाते हुए
    भरे पेट का एहसास कराने
    कहानी में रोटी को
    चाँद से भरमाया होगा,,,,

    बेहद संवेदनशील मार्मिक रचना,,,,,,बधाई स्वीकारें,,,

    नवरात्रि की शुभकामनाएं,,,,

    RECENT POST ...: यादों की ओढ़नी

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  5. प्रभावी प्रस्तुति |
    आभार कविता जी ||

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  6. कहानी के उद्भव की मार्मिक गाथा...

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  7. मार्मिक ...सीधे सीधे शब्दों में लिखा गया गरीबी का दर्द

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  8. कात रही है सूत बूढी माँ
    तेरी फ्राक बनाने को
    बेटी को सुलाते हुए ये
    सपना उसके मन जगाया होगा।

    निःशब्द करते भाव जहाँ अभाव ही अभाव

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  9. मार्मिक भावो को रचना में सजाया है आपने.....

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  10. बहुत गहरे भाव ...

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  11. बेहद मार्मिक रचना

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  12. बहुत अद्भुत अहसास...सुन्दर प्रस्तुति .पोस्ट दिल को छू गयी.......कितने खुबसूरत जज्बात डाल दिए हैं आपने..........बहुत खूब,बेह्तरीन अभिव्यक्ति .आपका ब्लॉग देखा मैने और नमन है आपको और बहुत ही सुन्दर शब्दों से सजाया गया है लिखते रहिये और कुछ अपने विचारो से हमें भी अवगत करवाते रहिये. मधुर भाव लिये भावुक करती रचना,,,,,,

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  13. भरे पेट का एहसास कराने
    कहानी में रोटी को
    चाँद से भरमाया होगा

    बेहद संवेदनशील मार्मिक रचना.....बधाई स्वीकारें

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  14. behad marmik shabdo se ki gayi sundar abhivyakti.........bahut bhawik rachana

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