Wednesday, May 14, 2014

समीक्षा :'परछाइयों के उजाले '

ड़ॉ वीरेंद्र स्वर्णकार निर्झर , सेवा सदन कॉलेज बुरहानपुर के हिंदी विभागाध्यक्ष ने मेरे कहानी संग्रह 'परछाइयों के उजाले ' की समीक्षा भेजी है।



5 comments:

  1. bahut bahut badhai aapko pustak prakaashan par ...

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  2. बहुत ही सुन्दर .बधाई

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  3. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 15-05-2014 को चर्चा मंच पर दिया गया है
    आभार

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