Friday, December 25, 2009

पोल सर ; एक विनम्र श्रधांजलि,


कल पुराने पपेर्स इकठ्ठा करते हुए कोने में छपी एक छोटी सी खबर पर नज़र गयी."गणित को सरल बनाने वाले "सर"। पड़ते ही जेहन में पोल सर का नाम कौंधा.गणित को सरल बनाने वाले उसे दिलचस्प बनाने वाले,हमारे अपने श्री विश्वनाथ मार्तंड पोल सर। उनका निधन १६ दिसंबर को चेन्नई में हो गया.इंदौर के इंदिरा विद्या मंदिर में क्लास ८ में हमें गणित पढ़ने वाले सर सदा सा पहनावा,चहरे पर स्निग्ध मुस्कान,और गणित के कठिन से कठिन सवालों को सरल से सरल नम्बरों के उदाहरनो से आसन बनाने वाली उनकी शैली। मैं सिर्फ एक वर्ष ही उनकी विद्यार्थी रही पर उनके पढ़ाने की जो अमित छाप मेरे ऊपर पढ़ी उसने मुझे भी गणित का शिक्षक बना दिया.आज भी कोई भी कठिन सवाल समझाते हुए एक बार सर को याद कर सोचती हूँ ,की वो इसे कैसे समझाते?
इस ब्लॉग का उद्देश्य उनके सभी विद्यार्थियों को उनके निधन की दुखद सूचना देना है.साथ ही बिछड़े साथियों से मिलने की एक उम्मीद भी .धन्यवाद श्री प्रभाकर नारायण उंडे का जिन्होंने इस खबर को दे कर सर के पुराने विद्यार्थियों को उन्हें श्रद्धांजलि  देने का मौका दिया.

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