नईदुनिया (नायिका )दिनांक 20th जुलाई ....को प्रकाशित
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प्यार के दो बोल
म.प्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के दो दिवसीय कथा क्रमशः आयोजन में देवास जाना हुआ। आग्रह था इसलिए मैं वहीं रुक गई। रात में रुकने का इंतजाम एक ह...
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बात तो बचपन की ही है पर बचपन की उस दीवानगी की भी जिस की याद आते ही मुस्कान आ जाती है। ये तो याद नहीं उस ज़माने में फिल्मों का शौक कैसे और ...
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कल दो खबरे सुनी और पढ़ीं उनसे मन विचलित हो गया . एक घटना हमारे घर के पास ही हुई ,किसी के नए मकान का गृहप्रवेश था मेहमान खाना खा रहे थे त...
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कभी सोचती हूँ दिमाग जो होता एक डिबिया निकाल कर देखती उसमे पड़े विचार,भाव रिश्ते-नाते , यादें ,एहसास,घटनाएँ हौले से छूकर सहलाती संचेतना ...
101 अनुशरणकर्ता होने पर हार्दिक अभिनंदन।
ReplyDeleteimage dikh nahi rahi hai...
ReplyDeleteमुझे भी फोटो नज़र नहीं आ रही ...
ReplyDeletebahur sukun mila wakai...
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