उठे जब जनाजा मेरा
बस एक बार आ जाना,
दूर से ही सही ,
एक झलक देख लेना
दिखला जाना।
न देना कन्धा मेरे
जनाजे को,
न करना रुसवा मुझे
ज़माने में,
न आने देना मेरा
नाम भी होंठों पर
चेहरे की हर शिकन
छुपा जाना ।
न दे सकोगे एक
मुठ्ठी माती भी,
जानती हूँ
पर सबके जाने के
बाद,
दो फूल कब्र पर
रख जाना ।
नहीं देखना चाहती
आंसूं तुम्हारी आँखों में ,
पर हो सके तो
दो बूँद मेरी कब्र
पर गिरा जाना।
हसरत ही रही मिलने
की तुमसे,
dar था समझ न
सकेगा जमाना,
इसलिए दूर से ही सही,
एक झलक देख लेना
दिखला jana ना।
Sunday, October 31, 2010
Saturday, October 2, 2010
परिचय
बाबु कमल नाथ दफ्टर में सबके चहेते थे,दिन भर लोगो की चुटकिया लेना,हल्केफुल्के समस सुनाना,किसी का मुंह लटका देख कर उसे हँसाना,काम का कितना ही बोझ क्यों न हो हमेशा हँसते हुए करना,यही उनकी पहचान थी। उनके मोबाइल में ऑफिस के सभी साथियों के फ़ोन नम्बर थे ,जिन पर वो घर से भी मेसेज करते थे। उनके बॉस भी उन्हें जानते थे उनसे कभी कुछ कहते नहीं थे बल्कि वो भी उनके हंसी मजाक का हिस्सा बन जाया करते थे।
पुराने बॉस का तबादला हो गया और नए बॉस आये। उन्हें बाबु कमलनाथ का ये हंसी मजाक पसंद नहीं था,पर उनको कुछ कह नहीं पाए क्योंकि उनके काम में कोई कोताही नहीं थी।बाबू कमलनाथ इससे बेखबर थे। उन्होंने कही से बॉस का नम्बर भी कबाड़ लिया और उन्हें भी मेसेज भेजने लगे। उनके आश्चर्य का ठिकाना न रहा जब उनके हर सन्देश के बाद उन्हें बॉस से धन्यवाद सन्देश मिलता ,कमलनाथजी उन्हें बहुत सज्जन व्यक्ति समझने लगे।
एक दिन सन्देश के बाद आये धन्यवाद के साथ एक प्रश्न भी आया "आप कौन है?? "
कमलनाथजी ने अपना परिचय मेसेज द्वारा भेज दिया।
उस दिन के बाद कमलनाथजी के संदेशों के बाद कोई धन्यवाद सन्देश नहीं आया।
पुराने बॉस का तबादला हो गया और नए बॉस आये। उन्हें बाबु कमलनाथ का ये हंसी मजाक पसंद नहीं था,पर उनको कुछ कह नहीं पाए क्योंकि उनके काम में कोई कोताही नहीं थी।बाबू कमलनाथ इससे बेखबर थे। उन्होंने कही से बॉस का नम्बर भी कबाड़ लिया और उन्हें भी मेसेज भेजने लगे। उनके आश्चर्य का ठिकाना न रहा जब उनके हर सन्देश के बाद उन्हें बॉस से धन्यवाद सन्देश मिलता ,कमलनाथजी उन्हें बहुत सज्जन व्यक्ति समझने लगे।
एक दिन सन्देश के बाद आये धन्यवाद के साथ एक प्रश्न भी आया "आप कौन है?? "
कमलनाथजी ने अपना परिचय मेसेज द्वारा भेज दिया।
उस दिन के बाद कमलनाथजी के संदेशों के बाद कोई धन्यवाद सन्देश नहीं आया।
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